प्रस्तावित परियोजनाओं में सबसे अधिक फोकस सीवरेज नेटवर्क को मजबूत करने, बारिश के दौरान जलभराव रोकने के लिए ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने और ठोस कचरा प्रबंधन को आधुनिक बनाने पर रहेगा। इसके साथ ही शहर में ट्रैफिक प्रबंधन, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को सुदृढ़ करने तथा विरासत संरक्षण और पर्यटन से जुड़े काम भी किए जाएंगे।
आरयूआईडीपी के पांचवें चरण के तहत प्रदेश के 84 शहरों में करीब 9,500 करोड़ रुपये के विकास कार्य प्रस्तावित हैं, लेकिन राजधानी की जरूरतों के हिसाब से प्रोजेक्ट राशि का सबसे बड़ा हिस्सा जयपुर के इंफ्रास्टक्चर रि डवलपमेंट पर खर्च होगा। सरकार का मानना है कि राजधानी की बढ़ती आबादी और शहरी विस्तार को देखते हुए आधुनिक आधारभूत ढांचे की जरूरत है।
इस बार परियोजना की खास बात यह है कि विकास कार्यों को अंतिम रूप देने से पहले स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विशेषज्ञों, पूर्व पार्षदों, मीडिया प्रतिनिधियों और अन्य स्टेकहोल्डर्स से सुझाव लिए जाएंगे। इसके लिए 5 अगस्त से 11 अगस्त तक संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि शहर की वास्तविक जरूरतों के अनुसार परियोजनाएं तय की जा सकें। यह परियोजना एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) और विश्व बैंक के सहयोग से लागू की जाएगी।